सत्र 2018-19 में जनपद के भीतर सरप्लस शिक्षकों के समायोजन सम्बन्धी समस्त प्रश्नों के उत्तर यहां देखें


Q.  क्या सरप्लस शिक्षकों के निर्धारण में शिक्षामित्रों को जनशक्ति में गिना जाएगा ?
Ans:- RTE नियम के अंतर्गत जनशक्ति के अंतर्गत शिक्षक :छात्र अनुपात को देखा जाता है ,शिक्षामित्रों को उस अनुपात में शामिल नहीं किया सकता |लेकिन वर्तमान में शिक्षामित्रों को मूल विद्यालय में भेजे जाने हेतु जारी आदेश से कुछ जनपदों में भरम की स्तिथि बानी हुई है अतः इस सम्बन्ध में शासन  को आवश्यक संशोधन/स्पष्टीकरण देने की आवश्यकता है | 

Q. नवीन पद सृजन का आधार क्या है?
Ans:- नवीन पद सृजन का आधार RTE अधिनियम है, RTE अधिनियम की निम्नलिखित अनुसूची के अनुसार पद निर्धारण की कार्यवाही की गई है:-

Q. नवीन पद सृजन के आधार पर किसी प्राथमिक या उच्च प्राथमिक विद्यालय में न्यूनतम कितने अध्यापक रह सकते?
Ans:-RTE अधिनियम के अनुसार नवीन पद सृजन में प्राथमिक विद्यालय में छात्रसंख्या 1 से 60 के बीच कुछ भी होने पर २ अध्यापक न्यूनतम होंगे और उच्च प्राथमिक में छात्रसंख्या  1 से 99 के बीच कुछ भी होने पर ३ अध्यापक न्यूनतम होंगे | 

Q. मेरा विद्यालय 80 वर्ष पुराना है और हमेशा से यहां प्र0अ0 पद पर नियुक्ति रही है लेकिन नवीन पद सृजन में उसमे प्र0अ0 पद नहीं है! ऐसा क्यों?

Ans:-अब  नवीन पद सृजन में प्राथमिक विद्यालय में 150 व उच्च प्राथमिक विद्यालय में 100 से नीचे छात्रसंख्या होने पर प्र0अ0 का पद नहीं रहा है | 

Q. मैं प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालय में प्र0अ0 हूँ। लेकिन नवीन पद सृजन में मेरे विद्यालय में प्र0अ0 का पद प्रदर्शित नहीं हो रहा है तो क्या अब मुझे सरप्लस मानते हुए समायोजित कर दिया जाएगा?
Ans:-  नवीन पद सृजन में प्र0अ0 का पद समाप्त हो जाने का वर्तमान कार्यरत ऐसे प्र0अ0 पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा जो पूर्व में सृजित पद के आधार पर कार्यरत है | 

Q.  प्राथमिक विद्यालयों में समायोजन किस प्रकार होगा?
Ans:- प्राथमिक विद्यालयो में सरप्लस शिक्षकों को लास्ट कम फर्स्ट आउट के सिद्धांत के आधार पर समायोजित किया जाएगा | अर्थात जो स0अ0 किसी विद्यालय में बाद में कार्यभार ग्रहण किया भले ही वह जनपदीय वरिष्ठता सूची में वरिष्ठ हो लेकिन उसे ही सरप्लस मानते हुए समायोजित किया जाएगा | प्राथमिक विद्यालयों में सरप्लस शिक्षक निर्धारण में शिक्षण विषय वर्ग  का कोई महत्व नहीं होगा |



Q. उच्च प्राथमिक विद्यालयों में समायोजन किस प्रकार होगा?

Ans:-  उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सरप्लस शिक्षकों को लास्ट कम फर्स्ट आउट के सिद्धांत पर समायोजित किया जायेगा | लेकिन सरप्लस शिक्षक के निर्धारण में विषय वर्ग का विशेष महत्त्व होगा | 

जैसे - यदि किसी उच्च प्राथमिक विद्यालय में  
प्र0अ0 विज्ञान वर्ग से है और 3 स0अ0 (1 कला ,1 विज्ञान ,1 सामाजिक विषय है तो स0अ0 सरप्लस  में विज्ञान वर्ग का स0अ0 सरप्लस होते हुए समायोजित होगा | 

 Q. जहाँ नवीन पद सृजन में प्र0अ0 का पद नहीं रहा वहाँ से जब प्र0अ0 नहीं हटेंगे तो सहायक अध्यापक किस अनुपात में रहेंगे?
Ans:- ऐसे विद्यालय जिनमे पद सृजन के अंतर्गत प्र0अ0 का पद समाप्त हो गया है वहाँ ऐसे प्र0अ0 एक स0अ0 के पद को अवशोषित कर लेंगे | नवीन पद सृजन के अंतर्गत जहाँ  प्र0अ0 का पद शून्य है और स0अ0 के 2 पद है वहाँ एक प्र0अ0 पहले से कार्यरत होने की स्तिथि में स0अ0 के पद की संख्या 2  के स्थान पर 1  गिनी जाएगी | 

जैसे - प्राथमिक विद्यालय  में  छात्र संख्या =54 
 कार्यरत प्र0अ0 =1 ; कार्यरत स0अ0 =2 
 नवीन पद सृजन के अंतर्गत ;
 प्र0अ0 पद =0  ; स0अ0 पद =2 
 कार्यरत प्र0अ0 =0 ;कार्यरत स0अ0 =3 
 सरप्लस स0अ0  =1 (जिस स0अ0 ने बाद में कार्यभार ग्रहण किया है )

     

Q.  किसी उच्च प्राथमिक विद्यालय में एक सहायक विज्ञान वर्ग एवं एक गणित वर्ग का होने पर किसका समायोजन होगा?
Ans:- ऐसी स्तिथि अधिकतर 29334 गणित /विज्ञान भर्ती के कारण आ रही है | स0अ0 की नियुक्ति चाहे विज्ञान विषय में हुई हो या गणित विषय में  हुई हो दोनों को विज्ञान श्रेणी के अंतर्गत ही रखा जायेगा | किसी विद्यालय में दोनों स0अ0 ( गणित एवं विज्ञान ) होने की स्तिथि में सरप्लस स0अ0  वही होगा जिसने विद्यालय में बाद में कार्यभार ग्रहण किया है | 



Q.  छात्र संख्या एवं नवीन पद सृजन के आधार पर सरप्लस/ समायोजन को उदाहरण की सहायता से स्पष्ट करें।

Ans:-निम्नलिखित व्यवहारिक उदाहरण से यह प्रक्रिया स्पष्ट रूप से समझी जा सकती है:-
 उदाहरण 1. 
विद्यालय का प्रकार= प्राथमिक, 
छात्रसंख्या=34 , 
कार्यरत स्टाफ= 1 प्र0अ0 2 स0अ0,
सृजित पद= 2 स0अ0,

उपरोक्त विद्यालय में 150 से कम छात्र संख्या होने से प्र0अ0 का पद शून्य हो गया है एवं 1 -60  छात्र संख्या के आधार पर स0अ0 के 2 पद अनुमन्य किये गए | लेकिन पहले से 1 प्र0अ0 कार्यरत होने के कारन उसको हटाया नहीं जायेगा और वह एक स0अ0 का पद अवशोषित कर लेगा , इस प्रकार अवशेष एक ही स0अ0 के लिए स्थान शेष रहेगा जिस कारण पहले से कार्यरत 2 स0अ0 में से जिसकी नियुक्ति बाद में हुई है , वह सरप्लस स0अ0 हो जायेगा और उस स0अ0 को ही समायोजित किया जाएगा | 

 प्राथमिक विद्यालय  में  छात्र संख्या =34   
 कार्यरत प्र0अ0 =1 ; कार्यरत स0अ0 =2 
 नवीन पद सृजन के अंतर्गत ;  
 प्र0अ0 पद =0 ; स0अ0 पद =2 
 कार्यरत प्र0अ0 =0 ; कार्यरत स0अ0 =3 
  सरप्लस स0अ0  =1 (जिस स0अ0 ने बाद में कार्यभार ग्रहण किया है )

उदाहरण 2. 
विद्यालय का प्रकार= प्राथमिक
छात्रसंख्या=130, 
कार्यरत स्टाफ= 1 प्र0अ0 4 स0अ0
सृजित पद= 5 स0अ0

उपरोक्त विद्यालय में 150 से कम छात्र संख्या होने से प्र0अ0 का पद शून्य हो गया है एवं 120-200  छात्र संख्या के आधार पर स0अ0 के 5  पद अनुमन्य किये गए | लेकिन पहले से 1 प्र0अ0 कार्यरत होने के कारण उसको हटाया नहीं जायेगा और वह एक स0अ0 का पद अवशोषित कर लेगा , इस प्रकार अवशेष 4 स0अ0 के लिए स्थान शेष रहेगा जिस कारण पहले से कार्यरत 4  स0अ0 में से कोई भी सरप्लस स0अ0 नहीं  होगा और किसी  स0अ0 को समायोजित नहीं  किया जाएगा | 

 प्राथमिक विद्यालय  में  छात्र संख्या =130   
 कार्यरत प्र0अ0 =1; कार्यरत स0अ0 =4  
 नवीन पद सृजन के अंतर्गत ; 
 प्र0अ0 पद =0 ;स0अ0 पद =5 
 कार्यरत प्र0अ0 =0       कार्यरत स0अ0 =5 
 सरप्लस स0अ0  =0  (कोई स0अ0 समायोजित नहीं होगा  )

 उदाहरण 3. विद्यालय का प्रकार= उच्च प्राथमिक,
छात्रसंख्या=23 , 
कार्यरत स्टाफ= 1 प्र0अ0 2 स0अ0 (तीनों के विषय वर्ग अलग अलग हैं)
सृजित पद= 3 स0अ0

उपरोक्त विद्यालय में 100  से कम छात्र संख्या होने से प्र0अ0 का पद शून्य हो गया है एवं प्रति उच्च विद्यालय में न्यूनतम 3 स0अ0  के आधार पर स0अ0 के 3 पद अनुमन्य किये गए | लेकिन पहले से 1 प्र0अ0 कार्यरत होने के कारण  उसको हटाया नहीं जायेगा और वह एक स0अ0 का पद अवशोषित कर लेगा , इस प्रकार अवशेष 2  स0अ0 के लिए स्थान शेष रहेगा जिस कारण पहले से कार्यरत 2 स0अ0 में से कोई भी सरप्लस स0अ0 नहीं  होगा और किसी  स0अ0 को समायोजित नहीं  किया जाएगा | 

 उदाहरण 4. 
विद्यालय का प्रकार= उच्च प्राथमिक,
छात्रसंख्या=118 , 
कार्यरत स्टाफ= 1 प्र0अ0 3 स0अ0 (तीनों के विषय वर्ग अलग अलग हैं)
सृजित पद= 1 प्र0अ0 3 स0अ0


उपरोक्त विद्यालय में 100 से अधिक छात्र संख्या होने से प्र0अ0 का पद एक है एवं प्रति उच्च विद्यालय में न्यूनतम 3 स0अ0  के आधार पर स0अ0 के 3 पद अनुमन्य किये गए | इतनी ही संख्या में स्टाफ होने के कारण कोई सरप्लस नहीं होगा और न ही किसी का समायोजन होगा |

 उपरोक्त सभी उत्तर यथासंभव उपलब्ध शासनादेश/आदेश एवं RTE एक्ट की व्याख्या के आधार पर दिए गए हैं।  विस्तृत जानकारी एवं किसी भी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पूर्व निम्नलिखित आदेश/शासनादेश का अध्ययन अवश्य करें-

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